कांस फ़िल्म फेस्टिवल में ‘ राष्ट्रपुत्र ‘ ने गौरवान्वित कर दियाः आज़ाद

0

दोपहर संवाददाता
मुम्बई।’ राष्ट्रपुत्र ‘ फ़िल्म के लेखक – संपादक – निर्देशक और अभिनेता आजाद ने बताया कि फिल्म की सफलता की कहानी को दुनिया भर में फैलता देख वह बेहद उत्साहित हैं। 21 मई को कान्स फिल्म फेस्टिवल, मार्चे डू फिल्म, में राष्ट्रपुत्र प्रदर्शित होना मेरे साथ सभी भारतवासियों के लिए गर्व की बात है कि भारत माता के सच्चे सपूत क्रांतिकारी चंद्रशेखर आज़ाद को दुनिया भर के लोगों इस फ़िल्म के माध्यम से पहचाना । अब इस फ़िल्म को 28 भाषाओं अंग्रेजी, स्पेनिश, जर्मन, फ्रेंच, जापानी, तुर्की सहित भारत में संस्कृत, मराठी, गुजराती, बंगाली, उड़िया, असमिया, भोजपुरी, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में भी रिलीज किया जाएगा। आज़ाद के अनुसार राष्ट्रपुत्र यह संदेश देती है कि हर किसी को देश से प्यार करना चाहिए और देश के लिए मर मिटना चाहिए। मैंने जो भूमिका निभाई है वह क्रांतिकारी नेता चंद्रशेखर आज़ाद की है जो देश के लिए जीते थे और देश के लिए अपना प्राण न्योछावर कर दिए। कान फिल्म महोत्सव में दुनिया के दर्शकों को दिखाया गया था और फिल्म की निर्माता कामिनी दुबे पूरे देश की एकमात्र महिला निर्माता थी जिनकी फिल्म राष्ट्रपुत्र को कान फिल्म महोत्सव में प्रदर्शित किया गया था, जो भारत के लिए और फिल्म बिरादरी के लिए भी एक गौरव का क्षण है।
समय बदल रहा है और समस्याएं अलग-अलग दिखती हैं लेकिन आजाद क्या करेंगे अगर वह आज जीवित होते तो क्या प्रतिक्रिया देते ? युवाओं के लिए हाई वोल्टेज ड्रामा और मनोरंजन मूल्यों के साथ-साथ 21 वीं सदी के प्रबुद्ध दर्शकों के साथ एक महान प्रेरक फिल्म के रूप में राष्ट्रपुत्र को वर्णित किया जा सकता है।
‘ राष्ट्रपुत्र ‘ द बॉम्बे टॉकीज स्टूडियो और निर्माता कामिनी दूबे की फिल्म है जिसने लेखक, संपादक, निर्देशक और अभिनेता के रूप में आजाद को पेश किया है। वह फिल्म में चंद्रशेखर आज़ाद की शीर्षक भूमिका निभा रहे हैं।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here

Enable Google Transliteration.(To type in English, press Ctrl+g)