अभिभावकों ने स्कूलों को दिखाया आईना

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गोवंडी के सरस्वती हाई स्कूल की 9 सीट के लिए 704 आवेदन
मुंबई के 43 स्कूलों में बच्चों को नहीं पढ़ाना चाहते हैं अभिभावक
आरटीई की पहली लॉटरी में 67,706 विद्यार्थी

दोपहर संवाददाता
मुंबई। मुफ्त शिक्षा होने के बावजूद अभिभावकों ने राज्य के 1,885 स्कूलों को अपनी परीक्षा में फेल कर दिया है। अभिभावकों ने बच्चों को इन स्कूलों में नहीं पढ़ाने का निर्णय लिया है। इसमें देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के भी 43 स्कूल शामिल हैं। शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीट आरक्षित रखी गई हैं। बड़े स्कलों में पढ़ाने की चाह में लोग जहां कई स्कूलों को नाकार रहे हैं, वहीं बहुत से स्कूलों में सीटों की अपेक्षा कई गुना अधिक आवेदन मिले हैं। आंकड़ों के अनुसार, गोवंडी के सरस्वती हाई स्कूल की 9 सीट के लिए 704 आवेदन आए हैं। भवंस एएच वाडिया हाई स्कूल की जूनियर केजी की 50 सीट के लिए 790 और कुर्ला स्थित पवार पब्लिक स्कूल की 42 सीटों के लिए 516 आवेदन प्राप्त हुए हैं। शिक्षा अधिकारी महेश पालकर के अनुसार, अधिकतर अभिभावक बड़े अंग्रेजी स्कूलों का चयन करते हैं। स्कूलों के परफॉर्मेंस के आधार पर ही फॉर्म भरते हैं। परिणाम स्वरूप अच्छा प्रदर्शन नहीं करने वाले स्कूलों को कम आवेदन प्राप्त होते हैं।

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