जेट पर लगेगा ताला!

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बैंकों ने 400 करोड़ रुपये देने से किया इंकार
20 हजार लोगों की चली जायेगी नौकरी
किसी भी वक्त हो सकता है जेट के बंद होने का ऐलान
जिंदा रहने के लिए नहीं मिला इमरजेंसी फंड
जेट के 16 हजार से ज्यादा कर्मचारियों को वेतन नहीं
दोपहर संवाददाता
मुंबई। बैंकों ने जेट एयरवेज को 400 करोड़ रुपये की आपातकाल ऋण सहायता देने से इनकार कर दिया है। कर्ज नहीं मिलने से एयरलाइन पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा है। सूत्रों के मुताबिक आज रात कंपनी अपनी आखिरी उड़ान भरेगी। कंपनी के बोर्ड ने बैंकों के कंशोर्सियम से पैसा न मिलने के कारण यह फैसला लिया है। इससे पहले कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में थे। कंपनी के बोर्ड ने बैंकों के कंशोर्सियम से पैसा न मिलने के कारण यह फैसला लिया है। इससे पहले कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में थे। फिलहाल कंपनी के केवल सात विमान ही परिचालन में हैं। सोमवार को कंपनी ने बैंकों के साथ मीटिंग की थी। लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। यदि कंपनी बंद होती है तो 20 हजार लोगों की नौकरी चली जायेगी। कर्मचारी इससे पहले मुंबई में भी इसी तरह का प्रदर्शन कर चुके हैं जहाँ कंपनी का मुख्यालय है।

संकट का राजनीतिक कनेक्शन
जेट एयरवेज के संकट के राजनीतिक कनेक्शन भी हैं। नरेश गोयल का उदय कांग्रेस पार्टी के शासन काल में हुआ था। लेकिन 2014 में बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए की सरकार आने के बाद इसकी समस्याएं शुरू हो गईं। सूत्रों के अनुसार बीजेपी की सहयोगी शिवसेना के साथ जेट एयरवेज के मैनेजमेंट के संबंध अच्छे नहीं हैं। इसने बीजेपी से कहा है कि जेट को सरकार की तरफ से कोई मदद न दी जाए। जेट में मुंबई की एक सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहे एनसीपी नेता के भी पैसे लगे हैं। सूत्रों ने कहा, एनआरआई नरेश गोयल के पास इतने पैसे हैं कि अकेले जेट को संकट से उबार सकते हैं। लेकिन ज्यादातर पैसा कालेधन में है। उनका दुबई और लंदन में होटल है। इसलिए जब एयरलाइन बंद होने के कगार पर है, वह चाहते हैं कि बैंक ही कर्मचारियों की सैलरी का खर्च उठा लें।

डीजीसीए ने किराया घटाने को कहा
एविएशन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने बताया कि जेट के सिर्फ 5 विमान उड़ान भर रहे हैं। डीजीसीए ने एयरलाइंस के साथ बैठक की और 10 व्यस्त रूटों पर किराया घटाने को कहा। डीजीसीए ने बैठक में जेट के खाली हुए स्लॉट दूसरी एयरलाइंस को देने पर भी चर्चा की। एविएशन मंत्रालय एयरलाइंस की क्षमता बढ़ाने और किराए पर 18 अप्रैल को बैठक करेगा। उड्‌डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला ने बताया कि एविएशन रेगुलेटर डीजीसीए ने मंगलवार को 40 रूटों पर किराए की समीक्षा की। पता चला कि जेट की गैर-मौजूदगी से 10 रूटों पर किराया 10-30% तक बढ़ गया है। सभी एयरलाइंस से इसे घटाने को कहा गया है।

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