भिवंडी में 10 हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते

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आवारा कुत्ते बने भिवंडीकरों के लिए मुसीबत
जितेंद्र तिवारी/ दोपहर
भिवंडी। भिवंडी मनपा की उदासीनता के कारण शहर में बढ़े आवारा कुत्ते भिवंडीकरों के लिए मुसीबत बन गए है।उक्त आवारा कुत्ते पहले जनता को दौड़ा दौड़ाकर काटते थे।लेकिन अब दौड़ते हुए आते है और वाहनों से भीड़ जा रहे है।कुत्तों के कारण होने वाली सड़क दुघर्टना में राहगीर घायल हो रहे है।जो जनता में भय का कारण बना हुआ है।जिसकी तमाम शिकायत के बावजूद प्रशासन की कुंभकरणी नींद टूटने का नाम नही ले रही है।
भिवंडी के मानसरोवर इलाके में रहने वाले कांग्रेस के महासचिव व समाजसेवक फूलचंद यादव अपनी बुलेट से मंगलवार की शाम अपने घर से कल्याण रोड की तरफ जा रहे थे।जैसे ही वे आसबीबी मस्जिद से कुछ दूरी पर स्थित केसरिया मिठाई दुकान के पास पहुचे।सड़क पर लगे ट्रांसफार्मर के बगल से एकाएक एक आवारा कुत्ता उनके बाइक से आकर एकाएक भीड़ गया।जिसके कारण वे सड़क पर गिर गए।जिससे उनके हाथ व पैर में काफी चोट लग गई।संयोगवश उनका हाथ या पैर टूटा नही।
कुत्ते के कारण हुई दुर्घटना में उन्हें जोरदार चोट लगने के कारण उन्हें पहले अस्पताल जाकर इलाज कराना पड़ा।सूत्र बताते है कि मनपा इलाके में हर दिन आवारा कुत्तों के कारण कई दर्जन से ज्यादा दुर्घटनाएं हो रही है।जिसमे लोगों को अपना हाथ पैर भी गवाना पड़ रहा है।बावजूद मनपा प्रशासन आवारा कुत्तों को लेकर उदासीन बनी हुई है।बता दे कि भिवंडी मनपा पिछले आठ वर्षों से कुत्तों को पकड़ने अथवा उनकी नसबंदी की प्रक्रिया को पूर्णरूपेण बंद कर रखी है।इस कारण शहर में दस हजार से ज्यादा आवारा कुत्ते हो गए है।जो न सिर्फ झुंड में शोरगुल कर लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है बल्कि दौड़ा दौड़ा कर जनता को काटते है।
मनपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2011 से वर्ष 2018 के बीच आठ साल में कुल शहर में बढ़े आवारा कुत्तों ने एक लाख 10 हजार 837 लोगों को अपना शिकार बनाया है।इस हिसाब से हर साल 13 हजार 854 लोगों को कुत्ते काट रहे है।जो हर दिन का आकंड़ा 38 लोगो का है।अब सड़क पर दौड़ते इन कुत्तों के कारण सड़क दुर्घटना में भी इजाफा हो रहा है।लेकिन मनपा प्रशासन इन्हें पकड़ने व इनके नसबंदी को लेकर अभी भी उदासीन बनी हुई है।इधर मनपा स्वास्थ्य विभाग ने जल्द ही कुत्तों के नसबंदी की प्रक्रिया पुनः शुरू करने का दावा किया है।

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