जियो ने विमानों में वाई-फाई देने के लिए किया विचार

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23,000 से अधिक विमानों में मिलेगी सुविधा
दोपहर संवाददाता
मुंबई। इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी के लिए ऑर्टस कम्यूनिकेशन, स्टेशन सैटकॉम व क्लाउड कॉस्ट डिजिटल ने भी आवेदन कर रखा है. हालांकि ऑर्टस कम्यूनिकेशन से दूरसंचार विभाग ने कुछ सूचनाएं मांगी हैं.दूरसंचार विभाग ने सबसे पहले ह्यूजेस कम्यूनिकेशन इंडिया लिमिटेड को लाइसेंस दिया था. इसके अतिरिक्त टाटा टेलीनेट, सरकारी कंपनी बीएसएनएल व ओमिनी कनेक्ट थीं.इससे पहले सुरक्षा को ध्यान में रखकर विभाग समेत दूरसंचार आयोग ने यह सेवा मुहैया कराने में देसी सेटेलाइट का उपयोग करने को बोला हैयूरोकॉन्सूलेट के मुताबिक, 2027 तक 23,000 से अधिक वाणिज्यिक विमान अपने यात्रियों को यह सुविधा देने लगेंगे.
2017 तक 7,400 विमान ही यह सुविधा दे रहे थे. नॉर्दर्न स्काई रिसर्च की एयरोनॉटिकल सैटकॉम मार्केट-2017 नामक रिपोर्ट में बोला गया है कि 2019 के अंत तक हर तीन में से एक वाणिज्यिक विमान में वीएसएटी (वेरी स्मॉल एपर्चर टर्मिनल) कनेक्टिविटी स्थापित की जाएगी.
इन-फ्लाइट कनेक्टिविटी सेवा की आरंभ में ग्राहक सिर्फ इंटरनेट सर्फिंग कर सकेंगे. वार्ता की सेवाएं मुहैया कराने में अभी कुछ वक्त लगेगा. दूरसंचार आयोग ने भी राष्ट्र की व्यवस्था का उपयोग सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए करने को बोला था.

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