भ्रष्टाचार के पैसे से हो रहा भाजपा का प्रचार

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देवनार डंपिंग ग्राउंड में करप्शन का मामला
कांग्रेस ने की सीबीआई जांच की मांग

दोपहर/मधुसूदन तिवारी
मुंबई। नकली कीटनाशक से जहां विदर्भ में 40 किसानों की मौत हो गई और सैकड़ों किसाना बीमार हो गए। ऐसी भाजपा की हिस्सेदारी वाली कंपनी यूनाइटेड फॉस्फोरस लिमिटेड पर अब कांग्रेस ने भाजपा के लिए आगामी चुनाव के मद़देनजर प्रचार सामग्री को बगैर चुनाव आयोग की अनुमति के निर्मित करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के प्रदेश महासचिव व प्रवक्ता सचिन सावंत ने बुधवार को कांग्रेस के गांधी भवन में भाजपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी तरह देवनार डंपिंग ग्राउंड में भ्रष्टाचार के पैसे का इस्तेमाल भाजपा के अभियान के लिए किया जा रहा है। वहीं सावंत ने मांग की है कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। इस मौके पर सावंत के अलावा भाई जगताप, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. राजू वाघमारे उपस्थित थे।
जांच में कंपनी को दी थी क्‍लीन चिट
कांग्रेस प्रदेश महासचिव ने भाजपा और यूनाइटेड फॉस्फोरस लिमिटेड के बीच संबंधों का पर्दाफाश करते हुए कहा कि भाजपा नेता और केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल के भाई प्रदीप गोयल यूनाइटेड फॉस्फोरस लिमिटेड के एक स्वतंत्र निदेशक हैं।
साथ ही कंपनी को मुंबई महानगरपालिका की ओर से देवनार डंपिंग ग्राउंड के कचरा व्यवस्थापन के लिए 4.5 करोड़ रुपये का ठेका भी दिया गया है, जिसमें भाजपा सांसद संजय काकड़े की इस काम में भागीदार भी है।
इससे साफ है कि भाजपा का कंपनी से व्यक्तिगत के अलावा व्यापारिक संबंध भी हैं। विदित हो कि पिछले साल विदर्भ में कपास का छिड़काव करते समय विषाक्तता के कारण 40 किसानों की मौत हो गई थी और सैकड़ों किसान बीमार हो गए थे, जो कीटनाशक यूनाइटेड फॉस्फोरस लिमिटेड की ओर से बनाया गया था।
सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन भी किया, लेकिन जांच रिपोर्ट में कंपनी को क्लीन चिट देते हुए कीटनाशक मिश्रण पर प्रतिबंध लगा दिया गया। सरकार के दबाव के चलते कंपनी को क्लीन चिट दे दी गई, लेकिन किसानों के परिवारों को आज तक न्याय नहीं मिला।

6 करोड़ की अवैध प्रचार सामग्री
सचिन सावंत की अगुवाई में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को चुनाव आयोग के साथ यूनाइटेड फॉस्फोरस कंपनी के कार्यालय का भंडाफोड़ किया है। इस छापेमारी के दौरान छह करोड़ की अवैध प्रचार सामग्री मिली। वहीं कार्रवाई करते हुए चुनाव आयोग की ओर से कार्यालय को सील कर दिया गया। इस पूरे मामले पर राज्य व केंद्र सरकार की ओर से दबाव बनाया जा सकता है, इस बात को ध्यान में रखते हुए सावंत ने सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं इस मामले में उन्होंने चुनाव आयोग को एक विस्तृत पत्र लिखने की बात भी कही है।

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