जेट एयरलाइन को बचाइए

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जेट के कर्मचारियों ने किया दिल्ली एयरपोर्ट पर प्रदर्शन
कर्मचारियों को महीनों से सैलरी नहीं मिली, पायलट समेत ग्राउंड स्टाफ भी शामिल
कंपनी पर 8000 करोड़ रुपए का कर्ज, अंतरराष्ट्रीय विमानों की उड़ान पर रोक
दोपहर संवाददाता
नई दिल्ली। कर्ज संकट से जूझ रही एयरलाइन जेट एयरवेज के कर्मचारियों ने शनिवार को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-3 पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मांग की कि सरकार इस मामले में कंपनी की मदद करे। कर्मचारियों ने प्रदर्शन के दौरान न सिर्फ मानव श्रंखला बनाई बल्कि ‘जेट एयरवेज’ को बचाने का संदेश लिखे पोस्टर्स भी प्रदर्शित किए।
कर्मचारियों के हाथ में जो पोस्टर्स थे, उनमें “जेट एयरवेज को बचाइए’, “हमारी पुकार सुनिए, 9डब्ल्यू को उड़ान भरने दीजिए’ जैसे संदेश लिखे थे। शनिवार को जेट एयरवेज के केवल सात जहाजों ने उड़ान भरी।
कंपनी के अधिकारियों ने 15 अप्रैल तक सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर रोक लगा रखी है। कंपनी पर फिलहाल 8 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज है। रुपयों का भुगतान न किए जाने के कारण अधिकांश विमान मैदान में खड़े हैं। जेट के ऑल इंडिया ऑफिसर्स एंड स्टाफ एसोसिएशन के प्रमुख किरण पावसकर ने सहार पुलिस स्टेशन में शिकायत दी। उन्होंने कहा कि एयरलाइन ने कर्मचारियों का मार्च का वेतन नहीं दिया है। इसलिए धोखाधड़ी, भरोसा तोड़ने, फंड के दुरुपयोग और दूसरे अपराधों के तहत मामला दर्ज किया जाए। इससे पहले पावसकर के नेतृत्व में 200 कर्मचारियों ने एयरपोर्ट से जेट एयरवेज के मुख्यालय सिरोया सेंटर तक मार्च निकाला। कर्मचारियों की सीनियर मैनेजमेंट से मुलाकात भी हुई। हाालांकि, वो सीईओ विनय दुबे से मिलना चाहते थे। जेट के प्रबंधन से मुलाकात के पहले पावसकर ने कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों की वजह से जेट एयरवेज की हालत बिगड़ी है। एयरलाइन की जो थोड़ी-बहुत कमाई हो रही है वो यात्रियों की राशि लौटाने में इस्तेमाल की जा रही है।
आर्थिक संकट से जूझ रही जेट एयरवेज की उड़ानें रद्द होने से यात्री भी परेशान हैं। एयरलाइन ने शुक्रवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सोमवार तक रद्द रहेंगी। इससे पहले गुरुवार को एक दिन के लिए बंद करने की बात कही गई थी। जेट के हालात पर चर्चा करने के लिए पीएमओ ने शुक्रवार को बैठक बुलाई। इससे पहले उड्डयन मंत्री सुरेश प्रभु ने उड्डयन सचिव प्रदीप सिंह खरोला को जेट के हालातों की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे। पीएमओ की बैठक के बाद खरोला ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जेट एयरवेज के प्रबंधन से बात की। खरोला ने बताया कि शुक्रवार को जेट के 11 विमानों ने उड़ान भरी। शनिवार और रविवार को यह संख्या 6 से 7 रहेगी। उनसे पूछा गया कि सोमवार तक संचालन के लिए जेट के पास क्या पर्याप्त फंड उपलब्ध है। इस पर खरोला ने सकारात्मक जवाब दिया।
खरोला के मुताबिक जेट एयरवेज की शुक्रवार को बैंकों के साथ मीटिंग हुई। बैठक में अंतरिम फंड उपलब्ध करवाने की मांग रखी गई। बैंकों ने जेट एयरवेज से कहा है कि वो अंतरिम फंडिंग के प्रस्ताव को दुरुस्त करे। सोमवार को एयरलाइन फिर से बैंकों से संपर्क करेगी। उसके बाद बैंक फैसला लेंगे। एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों का कंसोर्शियम फिलहाल जेट एयरवेज को संभाल रहा है।

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