भिवंडी के ज्यादातर पुलिस वालों को मधुमेह व कर्करोग

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भिवंडी। भिवंडी के ज्यादातर पुलिस वाले मधुमेह व कर्क रोग की चपेट में है।जिनका शिविर के माध्यम से न सिर्फ जांच व इलाज किया गया बल्कि नशा मुक्ति के लिए काउंसलिंग भी कराया गया।जांच के बाद पाया गया कि पुलिसकर्मियों में बढ़ते रोग का कारण हाइपरटेंशन है। भिवंडी के स्व.इंदिरा गांधी मेमोरियल उप जिला अस्पताल के माध्यम से पुलिस संकुल में पुलिस कर्मियों के लिए राष्ट्रीय असंसर्गजन्य रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत पुलिस विभाग के अधिकारी,कर्मचारी आदि के लिए गुरुवार व शुक्रवार दो दिवसीय आरोग्य शिविर का आयोजन किया गया था। आईजीएम अस्पताल के अधिक्षक डॉ थोरात व शिविर की डॉक्टर डॉ.अंजुम देशमुख ने बताया कि इस दौरान कुल 120 पुलिस वालों का जांच किया गया।जिसमें से ज्यादातर पुलिस वाले मधुमेह व कर्करोग के साथ अन्य कई तरह के बीमारी के शिकार है।उन्होंने बताया कि शिविर में 40 पुलिस वालों की जांच किया गया।
जिसमें से 20 लोग मधुमेह के शिकार थे।इतना ही नही उन्होंने बताया कि इसके अलावा तकरीबन इतने ही लोग तंबाकू, सिगरेट,गुटखा के आदि थे।जिनका शिविर में तंबाखूजन्य पदार्थ का सेवन करने से शरीर पर भारी दुष्परिणाम होता है इस संदर्भ में प्रकाश काशिदे ने समउपदेशक किया गया।उन्होंने बताया कि पुलिस वालों में बढ़ती बीमारी का कारण काम का दबाव,बेसमय खाना, कम सोने के साथ हाइपरटेंशन है।उन्होंने बताया कि इसी प्रकार अगले चरण में वनविभाग,महसूल विभाग के कर्मचाारियोंके लिए भी आरोग्य शिविर का आयोजन किया जाएगा तथा महिला कर्मचारियों के लिए स्तन व गर्भाशय कर्करोग जांच किया जाएगा। उक्त प्रकार के शिविर के माध्यम से अधिकारी ,कर्मचारियों को निरोगी स्वास्थ्य हेतु आरोग्य विभाग प्रयत्न कर रहा है। उक्त आरोग्य शिविर को सफल बनाने के लिए डॉ.अंजुम देशमुख ,डॉ. बुशरा शेख ,डॉ. प्रियंका पाटिल ,डॉ. देवेंद्र पाटिल आदि ने अथक प्रयास किया है।

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