शरद पवार के बयान से आहत हैं विखे पाटिल

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प्रेसवार्ता कर विखे पाटिल ने बताया सुजय के भाजपा में जाने का कारण
अहमदनगर सीट से तीन बार हार चुका है एनसीपी उम्मीदवार
हमारा मकसद गठबंधन की सीट बढ़ाना था
दोपहर/मधुसूदन तिवारी
मुबंई। इस समय मेरे पिता बालासाहेब के बारे में शरद पवार ने जो बयान दिया, वह गलत था। मुझे व्यक्तिगत रूप से यह बुरा लगा। गठबंधन के सदस्य होने और मेरे पिता के जीवित न रहने के बिना उन टिप्पणी करना पवार जैसे वरिष्ठ नेता को शोभा नहीं देता । पवार के इस बयान के बाद, सुजॉय ने भाजपा में जाने का निर्णय लिया, यह सुजय का व्यक्तिगत निर्णय था।
अहमदनगर सीट को लेकर होने वाले सभी विवाद मेरे पुत्र को लेकर हुए है जो कि अहमदनगर के लिए मूलरूप से गलत है। एनसीपी को अहमदनगर की सीट पर तीन बार हार का सामना करना पड़ा है। इसलिए यह सीट कांग्रेस को दी जानी चाहिए थी,जिससे महाआघाडी की जीत की संख्या में एक सीट बढ़ सके, यह मेरी भूमिका थी। इस तरह का स्पष्टीकरण विधान सभा विरोधी पार्टी और कांग्रेस के नेता राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने दिया है। सुजय विखे पाटिल के भाजपा में प्रवेश के बाद पहली बार उनके पिता राधाकृष्ण विखे पाटिल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस समय, उन्होंने अहमदनगर सीट को लेकर चल रहे संघर्ष के बारे में स्पष्टीकरण दिया। विखे ने कहा, यह मूल रूप से यह संघर्ष मेरे बेटे के लिए उठाया गया है। पिछले तीन या चार महीनों से, कांग्रेस-एनसीपी मे सीटों के लिए बातचीत चल रही थी। एनसीपी का कुछ सीटों को लेकर अदलाबदली का आग्रह था।उसमे वे लोकसभा की सीटे थी जहाँ से इसके पहले गठबंधन का उम्मीदवार नहीं चुना गया था। इस चर्चा में एक अहमदनगर की एक सीट भी शामिल थी।
अहमदनगर की सीट से चुनावों में लगातार तीन बार एनसीपी के उम्मीदवार को हराया गया था। इसलिए, अगर अहमदनगर की सीट कांग्रेस को दी जाती, तो चुनाव जीतकर गठबंधन की सीट बढ़ाने मे कांग्रेस की एक बड़ी भूमिका होती। यह हमारा प्रयास था, इस विषय मे कांग्रेस-एनसीपी के बीच में बहुत सारी बातें हुईं। हमने इसमें उचित समन्वय बनाने की कोशिश की।
इस सीट के बटवारे को लेकर मेरा बेटा एक अलग पार्टी में जाए या यह सीट मेरे बेटे को आवंटित की जाय इसमे मेरी कोई भुमिका नहीं है।
विरोधी पार्टी के नेता रूप में यह मेरा कर्तव्य था कि मैं कोई भी गलत बयान न दूँ।मेरा प्रयास था कि महाआघाडी मे किसी तरह की कोई परेशानी न हो, मैं समस्याओ से चिंतित था, “विखे-पाटिल ने यह बातें कहीं है। अहमदनगर की सीट पर आघाडी का कोई निर्णय नहीं हुआ था।

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