मुंबई यूनिवर्सिटी की 9 लाख डिग्रियां ऑनलाइन

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दोपहर संवाददाता
मुंबई। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षणिक निक्षेपागार (एनएडी) के तहत सभी शैक्षणिक अभिलेखों का डिजिटल बैंक का प्रारंभ किया हैं। मुंबई यूनिवर्सिटी की 9 लाख डिग्रीयांस डिजिटल बैंक के तहत ऑनलाइन होने की जानकारी आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को मुंबई यूनिवर्सिटी ने दी हैं। वर्ष 2014 से वर्ष 2018 की डिग्रीयां ऑनलाइन होने से फर्जी एजुकेशनल सर्टिफिकेट पर लगेगी रोक लगेगी।
आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने मुंबई यूनिवर्सिटी से जानकारी मांगी थी कि राष्ट्रीय शैक्षणिक निक्षेपागार (एनएडी) के तहत पंजीकृत की गई डिग्री और उसकी संख्या दे। मुंबई यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ यंत्रणा प्रोग्रामर ने अनिल गलगली को बताया कि 22 फरवरी 2018 से इस योजना का आरंभ किया गया हैं। उन्होंने वर्ष 2014 से वर्ष 2018 इन 5 वर्षों की जानकारी दी। इस जानकारी से पता चलता हैं कि वर्ष 2014 से वर्ष 2018 के दौरान आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस, मैनजमेंट, टेक्नोलॉजी और लॉ की कुल 8 लाख 99 हजार 60 डिग्रीयां केंद्र सरकार की राष्ट्रीय शैक्षणिक निक्षेपागार (एनएडी) पर अपलोड की गई हैं।
5 वर्ष की तुलना की जाए तो वर्ष 2014 में सर्वाधिक 1 लाख 93 हजार 398 डिग्रीयां ऑनलाईन की गई हैं। वहीं वर्ष 2018 में कुल 1 लाख 89 हजार 538 डिग्रीयां ऑनलाईन की जा चुकी हैं। फैकल्टी वाईज सर्वाधिक डिग्रीयां कॉमर्स फैकल्टी की हैं जिसकी संख्या 3 लाख 98 हजार 650 हैं। उसके बाद आर्ट्स की 1 लाख 50 हजार 680, टेक्नोलॉजी की 1 लाख 29 हजार 603 वहीं साइंस की 1 लाख 11 हजार 625 डिग्रीयां आती हैं। मैनजमेंट की 76 हजार 851 और लॉ की 31 हजार 652 संख्या हैं। इस योजना पर बताते हुए मुंबई यूनिवर्सिटी ने अनिल गलगली को जो बातें लिखित तौर पर दी गई हैं। इस सेवा के लिए किसी भी तरह की फीस नहीं ली जाती हैं। इस योजना के तहत डिग्रीयां और अन्य सर्टिफिकेट ऑनलाईन उपलब्ध हैं।
अनिल गलगली ने इसे केंद्र सरकार का क्रांतिकारक निर्णय बताते हुए कहा कि इसकी स्थापना होने से फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों की समस्या को रोकने में काफी हद तक सफलता प्राप्त हो रही हैं। इसके साथ चयन के बाद सत्यापन की लंबी प्रक्रिया से भी मुक्ति मिल जाएगी। जहां इस योजना से छात्रों की उपाधि का सत्यापन आसानी से होगा। वहीं छात्र अपनी डिग्रीयां और शैक्षिक डुप्लीकेट प्रमाणपत्रों को ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।

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